Monday, 20 May 2019

कहते हैं देश संविधान से चलता है " poem kahte hain desh sanvidhan se chalta hai publish in vayvastha par chot sajha kavy sangrah

दोस्तों मेरी कविता "कहते हैं देश संविधान से चलता है" का प्रकाशन रवीना प्रकाशन दिल्ली से प्रकाशित साझा काव्य संग्रह  " व्यवस्था पर चोट " में हुआ जिसका सफल संपादन कवि साहित्यकार श्री नरेन्द्र वाल्मिकी (वर्तमान शोध छात्र गढ़वाल विश्वविद्यालय )
के द्वारा हुआ....


मित्रो पढ़कर बताएं कि कविता कैसी लगी.........

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