दोस्तों मेरी कविता "कहते हैं देश संविधान से चलता है" का प्रकाशन रवीना प्रकाशन दिल्ली से प्रकाशित साझा काव्य संग्रह " व्यवस्था पर चोट " में हुआ जिसका सफल संपादन कवि साहित्यकार श्री नरेन्द्र वाल्मिकी (वर्तमान शोध छात्र गढ़वाल विश्वविद्यालय )
मित्रो पढ़कर बताएं कि कविता कैसी लगी.........

Badhiya likha h
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